यूनियन बजट 2026: भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 - तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

1 फरवरी 2026, नई दिल्ली - वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना ऐतिहासिक नौवां बजट पेश करते हुए भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा की है। यह घोषणा भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
क्या है सेमीकंडक्टर मिशन 2.0?
वित्त मंत्री ने संसद में कहा, "भारत के सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 ने हमारे सेक्टर की क्षमताओं का विस्तार किया है। इस सफलता के आधार पर, हम ISM 2.0 लॉन्च कर रहे हैं जो सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री का उत्पादन करेगा, पूर्ण-स्टैक भारतीय IP डिजाइन करेगा, और हमारी आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाएगा।"
नया मिशन उद्योग-आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना पर केंद्रित होगा जो प्रासंगिक तकनीक विकसित करने और AI-तैयार तथा AI-मूल भविष्य के लिए कार्यबल को कुशल बनाने में मदद करेगा।
बजटीय आवंटन में भारी वृद्धि
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के लिए आवंटन को लगभग दोगुना करके ₹40,000 करोड़ कर दिया है। यह योजना अप्रैल 2025 में ₹22,919 करोड़ के आवंटन के साथ शुरू हुई थी और पहले से ही लक्ष्य से दोगुने निवेश की प्रतिबद्धताएं प्राप्त कर चुकी है।
ISM 1.0 के तहत आवंटित ₹76,000 करोड़ की राशि लगभग प्रमुख परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्ध हो चुकी है, जिसमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोन जैसी वैश्विक और घरेलू कंपनियों द्वारा फैब प्लांट्स और असेंबली एंड टेस्ट फैसिलिटीज (ATMP) शामिल हैं।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
PwC इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (ESDM & सेमीकंडक्टर) सुजय शेट्टी ने कहा, "ISM 2.0 का लॉन्च एक परिवर्तनकारी कदम है, जो उपकरण और सामग्री के घरेलू उत्पादन, पूर्ण-स्टैक डिजाइन क्षमताओं, भारतीय IP के विकास, लचीली आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, गहन उद्योग-आधारित R&D, और समर्पित प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से एक मजबूत कुशल कार्यबल को प्राथमिकता देता है।"
बेन एंड कंपनी के पार्टनर सुधीर नारायण ने कहा, "बजट एक स्पष्ट संकेत देता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर राष्ट्रीय प्राथमिकता बने हुए हैं। मोबाइल फोन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सफलता के आधार पर, अब फोकस स्केल, उच्च घरेलू मूल्य संवर्धन, और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ गहरे एकीकरण पर है।"
तकनीकी कंपनियों के विचार
SPPL के CEO अवनीत सिंह मारवाह ने कहा, "बजट 2026-27 भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की वृद्धि को तेज करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करता है। यदि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है, तो फोकस घोषणा से निष्पादन पर स्थानांतरित होना चाहिए।"
TECNO इंडिया के CEO अरिजीत तलापात्र ने कहा, "यह बजट इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारत के स्केल से सब्स्टेंस की ओर बदलाव को मजबूत करता है। जैसे-जैसे देश अपनी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षमताओं को गहरा करता है, यह बड़े पैमाने पर, भविष्य-तैयार रोजगार के दरवाजे खोलता है।"
AI और डेटा सेंटर के लिए विशेष प्रोत्साहन
सरकार ने घोषणा की है कि यदि Google और Microsoft जैसी वैश्विक कंपनियां स्थानीय रूप से डेटा सेंटर स्थापित करने का विकल्प चुनती हैं, तो उन्हें 2047 तक टैक्स हॉलिडे की सुविधा मिलेगी। यह पहल भारत को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए एक वैश्विक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वैश्विक प्रभाव और भारत की स्थिति
उद्योग के अनुमानों के अनुसार, अगले पांच वर्षों में भारत की आंतरिक सेमीकंडक्टर मांग वैश्विक खपत का लगभग 10% हिस्सा होगी, जो घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए व्यावसायिक मामले को मजबूत बनाती है। हालांकि, सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में आमतौर पर 36-60 महीने का निर्माण समय लगता है, जिससे दीर्घकालिक नीतिगत दृश्यता महत्वपूर्ण हो जाती है।
केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनवरी में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत का लक्ष्य 2032 तक दुनिया के शीर्ष चार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग देशों में शामिल होना है।
Global24x7 विश्लेषण
मुख्य बिंदु:
- ISM 2.0 केवल चिप निर्माण से आगे बढ़कर उपकरण, सामग्री और IP डिजाइन पर फोकस करता है
- ₹40,000 करोड़ का बढ़ा हुआ ECMS आवंटन घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देगा
- 2047 तक टैक्स हॉलिडे भारत को AI और डेटा सेंटर हब बनाने में मदद करेगा
- उद्योग-आधारित अनुसंधान केंद्र कुशल कार्यबल विकसित करने में सहायक होंगे
- तीन समर्पित रासायनिक पार्क घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने में मदद करेंगे
त्वरित सारांश
मुख्य घोषणाएं:
- ISM 2.0 लॉन्च: उपकरण, सामग्री और IP पर फोकस
- ECMS बजट: ₹22,919 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़
- AI डेटा सेंटर: 2047 तक टैक्स हॉलिडे
- रासायनिक पार्क: तीन समर्पित पार्क की स्थापना
- कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग: वैश्विक प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम के लिए नई योजना
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या है यह खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की है, जो भारत को सेमीकंडक्टर उपकरण, सामग्री और IP डिजाइन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखता है।
2. यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मिशन भारत को केवल चिप असेंबली से आगे बढ़ाकर पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा। इससे आयात निर्भरता कम होगी और तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
3. आम आदमी पर असर?
इस मिशन से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतें कम हो सकती हैं, नए रोजगार के अवसर मिलेंगे, और भारत में बने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी। AI और डिजिटल सेवाओं में भी सुधार होगा।
4. आगे क्या होगा?
अगले 36-60 महीनों में नई फैब्रिकेशन यूनिट्स और अनुसंधान केंद्र स्थापित होंगे। 2032 तक भारत दुनिया के टॉप 4 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखता है।
5. ISM 1.0 से ISM 2.0 में क्या अंतर है?
ISM 1.0 मुख्यतः चिप मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्रित था, जबकि ISM 2.0 उपकरण निर्माण, सामग्री उत्पादन, IP डिजाइन, और आपूर्ति श्रृंखला मजबूतीकरण पर फोकस करता है।
6. कितना निवेश होगा?
ECMS के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। ISM 1.0 के तहत पहले से ही ₹1.6 लाख करोड़ का निवेश 10 परियोजनाओं में हो चुका है।
7. कौन सी कंपनियां फायदा उठा सकती हैं?
घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियां इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन, और अन्य तकनीकी कंपनियां पहले से ही इसमें निवेश कर रही हैं।
यह लेख वित्त मंत्रालय की आधिकारिक घोषणाओं, उद्योग विशेषज्ञों के बयानों, और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। सभी आंकड़े और तथ्य 1 फरवरी 2026 तक के हैं।
स्रोत: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार | Economic Times | Times of India | The Hindu | India Today
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