BASF का हैदराबाद में ग्लोबल डिजिटल हब: भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक नया मील का पत्थर

हैदराबाद, 28 जनवरी 2026 - जर्मन केमिकल कंपनी BASF ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वह 2026 की पहली तिमाही में हैदराबाद में अपना ग्लोबल डिजिटल हब खोलेगी। यह फैसला न केवल भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बल्कि बिजनेस और इकॉनमी के क्षेत्र में भी एक बड़ी उपलब्धि है।
क्या है BASF का यह बड़ा फैसला?
BASF के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और चीफ डिजिटल ऑफिसर डॉ. डिर्क एल्वरमैन के अनुसार, "BASF के बैक-एंड ऑर्गनाइजेशन में वैल्यू क्रिएशन के इस अगले कदम के साथ, हम प्रतिस्पर्धी शर्तों पर डिजिटल सेवा प्रदान करना सुनिश्चित करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हैदराबाद एक अत्याधुनिक डिजिटल हब की सभी विशेषताओं के साथ ग्लोबल पहुंच प्रदान करता है।"
यह नया डिजिटल हब BASF के मौजूदा ग्लोबल डिजिटल हब नेटवर्क को मजबूत बनाएगा, जिसमें यूरोप (लुडविगशाफेन और मैड्रिड) और एशिया पैसिफिक (कुआलालंपुर) के हब शामिल हैं।
हैदराबाद क्यों चुना गया?
हैदराबाद का चुनाव कोई संयोग नहीं है। यह शहर पिछले कुछ सालों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब बन गया है, बेंगलुरु के बाद। यहाँ की मजबूत IT इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और सरकारी सहयोग ने इसे एक आकर्षक गंतव्य बनाया है।
BASF के ग्लोबल डिजिटल सर्विसेज के प्रेसिडेंट डिएट्रिच स्पैंडाऊ ने कहा, "मुझे खुशी है कि हम इस हब को इतनी जल्दी लॉन्च कर सकते हैं और इसे टिकाऊ तरीके से बढ़ा सकते हैं। हमारा लक्ष्य एक आकर्षक कार्यस्थल बनाना है जो BASF की विनिंग कल्चर को दर्शाता है।"
भारत में BASF की मजबूत उपस्थिति
BASF का भारत के साथ 130 साल से भी पुराना रिश्ता है। 2024 के अंत तक, कंपनी के भारत में 2,411 कर्मचारी थे, जो 8 प्रोडक्शन साइट्स और देश भर में 42 ऑफिसों में काम कर रहे हैं। मुंबई में स्थित इनोवेशन कैंपस BASF के ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है।
BASF ग्रुप कंपनीज इन इंडिया के हेड अलेक्जेंडर गर्डिंग ने बताया, "हैदराबाद में डिजिटल हब BASF की भारत में लंबे समय से चली आ रही सफल उपस्थिति का हिस्सा बनता है। यह BASF की तेज, लीन काम करने और सबसे ज्यादा वैल्यू क्रिएट करने वाले काम पर फोकस करने की महत्वाकांक्षा को सपोर्ट करता है।"
रोजगार के नए अवसर
इस नए डिजिटल हब की स्थापना से हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। BASF ने "BASF Digital Solutions Private Limited" नाम से एक नई भारतीय कानूनी इकाई के तहत तुरंत हायरिंग और ऑपरेशनल गतिविधियां शुरू करने की घोषणा की है।
हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्लोबल डिजिटल सर्विसेज डिवीजन का लक्ष्य 2030 तक अपनी वैश्विक कार्यबल को काफी कम करना है, जिसमें लुडविगशाफेन की पोजीशन भी शामिल हैं। लेकिन यह सभी उपाय सामाजिक रूप से जिम्मेदार तरीके से और मौजूदा सह-निर्धारण अधिकारों के अनुपालन में लागू किए जाएंगे।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक बड़ा कदम
यह घोषणा उस समय आई है जब भारत में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का तेजी से विकास हो रहा है। BASF का यह कदम न केवल कंपनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करेगा बल्कि भारत को एक ग्लोबल डिजिटल हब के रूप में स्थापित करने में भी योगदान देगा।
डिजिटल हब्स डिजिटल एक्सपर्टीज के केंद्र हैं जो BASF के व्यापारिक क्षेत्रों को दुनिया भर में मानकीकृत, डिजिटल सेवाएं बड़े पैमाने पर प्रदान करते हैं। यह हब कॉस्ट-एफिशिएंट लोकेशन पर क्षमताओं को समेकित करके और तेज़ और लीन सेवा प्रदान करके BASF के ग्लोबल डिजिटल सेटअप को मजबूत बनाता है।
सरकारी सहयोग और नीतिगत समर्थन
इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान, BASF के डॉ. डिर्क एल्वरमैन की भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ 27 जनवरी को नई दिल्ली में मुलाकात हुई। यह मुलाकात भारत सरकार के विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की नीति और BASF जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग की दिशा को दर्शाती है।
Global24x7 Analysis: मुख्य बिंदु
Key Takeaways:
- रणनीतिक महत्व: हैदराबाद का चुनाव भारत के बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम को दर्शाता है
- रोजगार सृजन: हजारों नई तकनीकी नौकरियों के अवसर
- ग्लोबल कनेक्टिविटी: भारत को BASF के वैश्विक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना
- कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन: प्रतिस्पर्धी लागत पर उच्च गुणवत्ता की सेवाएं
- इनोवेशन हब: भारत को ग्लोबल इनोवेशन सेंटर के रूप में स्थापित करना
Quick Summary
- BASF 2026 Q1 में हैदराबाद में ग्लोबल डिजिटल हब खोलेगी
- यह यूरोप और एशिया पैसिफिक के मौजूदा हब्स के साथ जुड़ेगा
- "BASF Digital Solutions Private Limited" के नाम से नई कंपनी बनेगी
- हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे
- भारत में BASF की 130 साल पुरानी उपस्थिति को और मजबूत बनाएगा
FAQ Section - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या है यह खबर?
जर्मन केमिकल कंपनी BASF ने हैदराबाद में अपना ग्लोबल डिजिटल हब खोलने की घोषणा की है, जो 2026 की पहली तिमाही में शुरू होगा। यह हब डिजिटल सेवाओं का केंद्र होगा जो दुनिया भर में BASF के व्यापारिक क्षेत्रों को सेवा प्रदान करेगा।
2. यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घोषणा कई कारणों से महत्वपूर्ण है: यह भारत को ग्लोबल डिजिटल हब के रूप में स्थापित करती है, हजारों नई नौकरियां पैदा करेगी, और हैदराबाद को टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में मजबूत बनाएगी।
3. आम आदमी पर क्या असर होगा?
इस डिजिटल हब से हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, खासकर IT और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा और शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा।
4. आगे क्या होगा?
BASF तुरंत हायरिंग शुरू करेगी और "BASF Digital Solutions Private Limited" के नाम से नई कंपनी के तहत ऑपरेशनल गतिविधियां शुरू करेगी। 2026 की पहली तिमाही तक यह हब पूरी तरह से चालू हो जाएगा।
5. BASF का भारत में क्या इतिहास है?
BASF का भारत के साथ 130 साल से भी पुराना रिश्ता है। वर्तमान में कंपनी के भारत में 2,411 कर्मचारी हैं, 8 प्रोडक्शन साइट्स और 42 ऑफिस हैं। 2024 में BASF ने भारत में लगभग €2.4 बिलियन की बिक्री दर्ज की।
6. हैदराबाद को क्यों चुना गया?
हैदराबाद को इसकी मजबूत IT इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, कॉस्ट-एफेक्टिवनेस और सरकारी सहयोग के कारण चुना गया। यह शहर भारत का दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब है।
7. इससे भारत की डिजिटल इकॉनमी को कैसे फायदा होगा?
यह हब भारत को ग्लोबल डिजिटल वैल्यू चेन में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा, डिजिटल स्किल्स का विकास करेगा, और देश को एक प्रमुख टेक्नोलॉजी एक्सपोर्टर के रूप में स्थापित करने में योगदान देगा।
निष्कर्ष
BASF का हैदराबाद में ग्लोबल डिजिटल हब खोलने का फैसला न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ग्लोबल न्यूज की दुनिया में भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है और दिखाता है कि कैसे देश तेजी से एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बन रहा है।
यह घोषणा उस समय आई है जब भारत सरकार डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से देश को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाने पर फोकस कर रही है। BASF जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का भारत में निवेश इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
आने वाले समय में, यह डिजिटल हब न केवल BASF के ग्लोबल ऑपरेशन्स को सपोर्ट करेगा बल्कि भारत के युवाओं के लिए विश्वस्तरीय करियर के अवसर भी पैदा करेगा। यह एक ऐसा कदम है जो भारत की डिजिटल क्रांति की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ता है।
स्रोत: BASF आधिकारिक प्रेस रिलीज, 28 जनवरी 2026
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